सून सून री गुजरिया , ये 'तेरी चुनरिया
न जाने ये कैसे दगा दे गयी
जैसे लचकी कमरिया मे चिपकी नजरिया
इन आंखो से क्या ये खता हो गयी
चिकनी चिकनी पतली कमर दिल ले गयी
नजर मेरी जबसे उसे मिलने गयी || धृ ||
सोने सा चमके ये जोबन तेरा
उस जोबन पे जाऊ मै वारी वारी
जोबन की मस्ती लेके सपनो की कस्ती
संग संग ये दुनिया मै घुमू सारी
दो नैनों की झिले डुबो के गयी || 1 ||
होंटो की लाली शहद की हैं प्याली
'तेरी आंखों का काजल घटा निराली
हलचल मचाये हैं दिलमे मेरे
तेरे माथे की बिंदीया कानो की बाली
मेरी रातों की निंदीया चुरा के गयी || 2 ||
तू जो मिली मुझको सनम तर जाऊंगा
तू ना मिली मुझको सनम हर लाउंगा
मेरी ही सांसो की माला हैं तू
माला ये टुटी तो मर जाऊंगा
सांसे तेरी दिल मे मेरी धडकती गयी || 3 ||
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