रविवार, 26 जून 2016

गिलहरी

*गिलहरी*

प्यारी प्यारी एक गिलहरी
मचायें खूब उछल कू
चने चुरायें बच्चों के
खाकर सोये आंखे मूंद

सुनहरा है रंग उसका
पूंछ हमेशा खडी खडी
कानों से सदा सचेत
आंखे तरेरे बडी बडी

प्यारी प्यारी एक गिलहरी
है बडी भोली भाली
कभी खेले बच्चो संग
कभी तनहा मतवाली

तेजी से वह भागे खूब
घूमे पेड कि डाली डाली
मेजबानी में उसके फल
कभी उडायें शहद कि डाली

प्यारी प्यारी एक गिलहरी
मनचली मेरी दोस्त है
लेती है अंगडाई खूब
जैसे खाकर मस्त है

शिवा चौधरी
जामनेर,जळगांव

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