गुरुवार, 2 अगस्त 2018

हम भारत माँ के सपूत हैं।

हम भारत माँ के सपूत हैं।

जो हाथ बढ़ाएगा, वह मुंह की खायेगा ।
हम भारत वासी को , जो आँख दिखायेगा
कितनी जान है इस दिल मे , उस वक्त दिखलाऊंगा,
तेरी जमीं पर आकर , सबक तुम्हे सिखलाऊंगा
हो चीन तुम पाकिस्तान, हो दहशत गर्दो की जान
हम उन्हें ना बख्शेंगे जो मुल्क हो बेईमान.....
हम उनके लिए यमदूत है , हम भारत माँ के सपूत हैं।  || धृ ||

तिरंगे की शान बचाने, खून हमने संजोया है ।
भगतसिंह, सुखदेव , (राज)गुरूसा, वीर यहाँ पर पाया है
इसांनो के कदर के खातिर भले ही आंसू बहते है,
देश की लाज बचाने वाले,गुंडे दिलों में रहते हैं।
जिन हांथो में सजी चूड़ियाँ बंदूके भी वही संभाले है,
नन्हे मुन्हे शेर भी हमारे,तपती आग के गोले है।
इन गोलों से टकराने से समझो तुम्हारी भभूत है,
हम भारत माँ के सपूत हैं।हम भारत माँ के सपूत हैं। - १

हिन्दू मुस्लिम शिख ईसाई, धर्म मिलेंगे अनेक यहाँ,
देश के खातिर मरमिटने वाला जज्बा मिलेगा एक यहां।
निकल पड़े जब जीत के खातिर,पता ना हमको साहिल का...
हड्डियों में भरा है बारूद न डर दिखलाओ मिसाइल का!
समझौतों से समजाया पर अकल तुम्हारी ज़ीरो हैं,
झांक के देखो इतिहास हमारा अब्दुल हमीद यहाँ हीरो है।
नाकाम तुम्हे कर देगी ऎसी पौलादी छाती हम रखते है,
शांति के संदेश दिलाने वाली ख्याति भी हम रखते हैं।
कही गरम तो कही नरमिया ऎसा हमरा वजूद हैं....
हम भारत माँ के सपूत हैं।हम भारत माँ के सपूत हैं। - २

हर हर महादेव की गूंज उठेगी मरहाटों के ओंठो से
उतनी भारी आवाज़ न आ पायेगी तुम्हारी तोफों से
अग्नी पृथ्वी मिसाइलें बना गया हिंदुस्तां का मुसलमां था
भारत देश था प्यारा उनको जितना प्याराउन्हें  कलमा था
दक्षिण में है जलपोत हमारे पूरब में गोरखा बैठा है,
सिखों की गर्जना सुन सुन उत्तर में हिमालय ऐंठा है।
हर धरम के हर जाति के शेर यहाँ मौजूद है...
हम भारत माँ के सपूत हैं।हम भारत माँ के सपूत हैं। - ३

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